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जुलाई में बैंक की छुट्टी: इन राज्यों में अगले 6 दिनों तक बंद रहेंगे निजी, सरकारी बैंक; विवरण यहां देखें

जुलाई में बैंक अवकाश: बैंक अवकाश के लिए तीन कोष्ठक हैं: परक्राम्य लिखत अधिनियम, अवकाश, वास्तविक समय सकल निपटान अवकाश और बैंकों का खाता बंद करना।
नई दिल्ली | यदि आप आने वाले दिनों में बैंक शाखाओं का दौरा करने की योजना बना रहे हैं तो आपको इस बात से अवगत रहना चाहिए कि कल (16 जुलाई) से सभी निजी और सरकारी सार्वजनिक ऋणदाता अगले छह दिनों तक बंद रहेंगे। हालांकि, ये छुट्टियां सभी राज्यों में एक ही दिन नहीं होंगी। बैंक की छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित तीन ब्रैकेट के अंतर्गत आती हैं।
बैंक छुट्टियों के लिए तीन ब्रैकेट हैं: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, हॉलिडे, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट हॉलिडे और बैंकों के खाते बंद करना। देश भर में इन अधिसूचित छुट्टियों पर निजी, सार्वजनिक, विदेशी सहकारी और क्षेत्रीय सहित सभी बैंक बंद रहते हैं। इस बीच, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), और गांधी जयंती (2 अक्टूबर), क्रिसमस दिवस (25 दिसंबर) पर सभी बैंक बंद रहते हैं। दिवाली, क्रिसमस, ईद, गुरु नानक जयंती, गुड फ्राइडे सहित त्योहारों पर भी बैंक बंद रहते हैं। हालांकि, बैंक की छुट्टियां भी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती हैं।
जुलाई 2021 में आगामी बैंक छुट्टियों की सूची इस प्रकार है:

16 जुलाई 2021- गुरुवार - हरेला पूजा (देहरादून)

17 जुलाई 2021 - शनिवार - यू तिरोत सिंग डे / खार्ची पूजा (अगरतला, शिलांग)

18 जुलाई 2021 - रविवार (सप्ताहांत की छुट्टी)

19 जुलाई 2021 - सोमवार - गुरु रिम्पोचे के थुंगकर त्शेचु (गंगटोक)

20 जुलाई 2021 - मंगलवार - ईद अल अधा (जम्मू, कोच्चि, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम)

21 जुलाई 2021 - मंगलवार - ईद अल अधा (आइजोल, भुवनेश्वर, गंगटोक, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम को छोड़कर पूरे देश में)
बैंक ग्राहकों को किसी भी नए अपडेट के लिए नियमित रूप से बैंक हॉलिडे लिस्ट को देखना चाहिए और इसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी हॉलिडे लिस्ट से भी सत्यापित करना चाहिए।
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असम : धोखे से शादी के खिलाफ कानून… अब नहीं चलेगा लव जिहाद।

असम में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून लाया जाएगा।

Asam chief Minister: Himanta Biswa

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही अपनी धार्मिक पहचान और अन्य जानकारी छुपाकर महिलाओं से शादी करने वाले पुरुषों से खतरे को रोकने के लिए एक कानून लाएगी और कहा कि यह ‘हिंदुओं और मुसलमानों के लिए समान” होगा। उन्होने कहा कि हिंदू युवक भी अपनी जानकारी छुपाकर हिंदू युवती से शादी नहीं कर सक। साथ ही उन्होंने कहा कि वे ‘लव जिहाद’ टर्म का इस्तेमाल नहीं करना चाहते। असम में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून लाया जाएगा. उसमें कहा गया था, ‘हम असम में ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खतरे से निपटने और समाप्त करने के लिए उपयुक्त कानून और नीतियां तैयार करेंगे।’

गुवाहाटी मेंमुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हमने इसका जिक्र हमारे घोषणापत्र में किया था. हमारी केवल दो महीने पुरानी ही सरकार है। पहले हम गाय संरक्षण कानून लाएंगे, अगले महीने दो बच्चों का नियम और फिर यह कानून लेकर आएंगे।’

साथ ही उन्होंने कहा, ‘हम ‘लव जिहाद’ टर्म का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, क्योंकि हमें लगता है कि एक हिंदू द्वारा एक हिंदू को भी धोखा नहीं दिया जाना चाहिए. ऐसा नहीं है कि जब कोई मुसलमान किसी हिंदू को धोखा देता है तभी ‘लव जिहाद’ है। बल्कि मेरे हिसाब से यह भी एक ‘जिहाद’ है, जब कोई हिंदू पुरुष किसी हिंदू महिला को धोखा देकर और गुमराह करके उससे शादी कर लेता है. इसलिए मैं ये जिहाद जैसे शब्दों को नहीं मानता। हम शादी करने के लिए धोखाधड़ी रोकने के लिए कानून लाना चाहते हैं।’ 

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम कानून लाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा कि यह केवल मुसलमानों के खिलाफ होगा। हिंदुओं और मुसलमानों के मामले में हमारा कानून समान होगा।’

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क्रूरता का वीडियो वायरल… मेनका गांधी ने बंद किया अपना एनिमल सेंटर…

BJP सांसद मेनका गांधी (Maneka Gandhi) द्वारा संचालित दिल्ली में संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर (Sanjay Gandhi Animal Care Centre) को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

नई दिल्ली: 

पशु अधिकार कार्यकर्ता और BJP सांसद मेनका गांधी द्वारा संचालित दिल्ली में संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर (Sanjay Gandhi Animal Care Centre) को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, क्योंकि वहां इलाज करा रहे एक आवारा कुत्ते के खिलाफ क्रूरता के वीडियो वायरल हुए थे. गंभीर रूप से घायल कुत्ता बाद में मर गया था। मेनका गांधी ने इस संबंध में एक बयान ट्विटर पर शेयर किया है। मेनका गांधी ने कहा कि पिछले एक साल में कोविड महामारी के कारण पशु देखभाल केंद्र में कर्मचारियों की कमी थी और हाल ही में हायर किए गए दो पैरा-वेट जानवरों को सहायता प्रदान कर रहे थे।

न्होंने आगे कहा, ‘हाल ही में वहां बचाव के लिए एक कुत्ते को लाया गया था। बचाव ने एक खेदजनक मोड़ लिया, जब कुत्ता स्वाभाविक रूप से उत्तेजित था, क्योंकि वह अत्यधिक दर्द में थी। पशु चिकित्सक, जिसने बदले में भयानक हिंसा के साथ जवाबी कार्रवाई की। उसकी चोटों से कुत्ते की मौत हो गई।’

कुत्ते की पिटाई का वीडियो 5 जुलाई को पशु कार्यकर्ता कावेरी भारद्वाज ने ट्विटर पर शेयर किया था। परेशान करने वाले वीडियो में एक आदमी कुत्ते को दीवार से जोर से पटकता है और फिर उसे फर्श पर गिरा देता है। तभी दो आदमी कुत्ते को मुंह पर मारते नजर आ रहे हैं। कुत्ते के पैर और मुंह पर चोट के निशान थे।

इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एनिमल केयर सेंटर में एक कर्मचारी होने का दावा करने वाली एक महिला कुत्ते के साथ की गई यातना के बारे में बताती है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मेनका गांधी ने कड़े शब्दों में इस कृत्य की निंदा की थी।

कुत्ते से क्रूरता का वीडियो वायरल होने के बाद मेनका गांधी ने बंद किया अपना एनिमल सेंटर
मेनका गांधी बीजेपी सांसद हैं। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मेनका गांधी ने अपने बयान में कहा, ‘इस घटना ने हम सभी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया। जब से मैंने वह भयावह वीडियो देखा, तब से मैं व्यक्तिगत रूप से गुस्से से कांप रही हूं और मेरे पेट में दर्द हो रहा है. हमने तुरंत पैरा-वेट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सेक्शन के इंचार्ज डॉक्टर को सेंटर छोड़ने का नोटिस दिया गया लेकिन यह काफी नहीं होगा।’

बीजेपी सांसद ने कहा कि 40 साल पुराने इस सेंटर को फिर से तैयार करने की जरूरत है। फिलहाल के लिए इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है लेकिन हम इसे फिर से तैयार करेंगे. इस बार हम इसे और बेहतर तरीके से स्थापित करेंगे।मेनका गांधी ने कहा कि वह अस्पताल प्रबंधन और उसके कर्मचारियों को पूरी तरह से बदल देंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगी कि वहां काम करने वाले सभी लोगों को पशु संवेदनशीलता-प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

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14 जुलाई को जारी होगा Zomato का आईपीओ

फूड डिलिवरी कंपनी Zomato के आईपीओ का इंतजार अब खत्म होने वाला है, अगर zomato के शेयर का आपको इंतजार था तो आपके लिए ये अच्छी खबर है। जोमैटो का आईपीओ अगले हफ्ते 14 जुलाई को ही खुल रहा है और 16 जुलाई को बंद होगा।  

Zomato के आईपीओ लांच का ये मौका पैसा निवेश करके कमाई का एक अच्छा अवसर हो सकता है।
अक्सर आईपीओ में निवेश एक अच्छा अवसर माना जाता है। IPO में निवेश दीर्घकालीन अवधि के लिए ही उचित रहता है।

Zomato आईपीओ लांच से 9,375 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ 9,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी, ​जबकि 375 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) इन्फो एज कंपनी को जारी करेगी। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 72 से 76 रुपये प्रति शेयर का रखा है। इसके लिए लॉट साइज 195 शेयरों का होगा, यानी निवेशक कम से कम 195 शेयर के लिए निवेश करना होगा। इस तरह निवेशक को जोमैटा के आईपीओ में निवेश के लिए करीब 15 हजार रुपये की अपने डीमैट खाते में तैयार रखनी होगी।

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पहले… दिलीप कुमार और बाद में…

दिलीप कुमार को Accidental Actor कहा जाता है.. क्योंकि ना तो उन्हें बचपन से हीरो बनने का शौक था…और ना ही उन्होंने एक्टिंग की कोई पढ़ाई की थी,और शायद यही वजह है कि उनकी अदाकारी में एक स्वाभाविकता थी,जिससे उनके किरदार दर्शकों पर एक गहरा असर छोड़ते थे.

1947 में भारत को आजादी मिली और 1947 में ही फिल्म जुगनू के जरिए दिलीप कुमार ने पहली बार एक एक्टर के तौर पर सफलता हासिल की. हिंदी सिनेमा के 100 साल के इतिहास के शुरुआती दौर में जिस तरह से नाटकीय अभिनय होता था, उस तरीके को बदलते हुए दिलीप कुमार ने सादगी से बोले गए डॉयलॉग्स और चेहरे के सधे हुए हावभाव को अहमियत देते हुए अभिनय के एक नए प्रकार को जन्म दिया.

अशोक कुमार ने दिया सक्सेस मंत्र 

दिलीप कुमार ने अपने एक्टिंग करियर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण मंत्र अशोक कुमार से सीखा था. वो अशोक कुमार की कही गई बात को खुद के लिए Acting Guideline मानते थे. अशोक कुमार ने दिलीप कुमार को समझाया था की ACTING IS ALL ABOUT NOT ACTING… उन्होंने दिलीप कुमार से ये भी कहा कि मेरी ये बात तुम्हें अभी confuse करेगी, परेशान करेगी, लेकिन जब तुम कैमरे के सामने रहोगे तो तुम्हें मेरी बात का अर्थ समझ आ जाएगा. अशोक कुमार को अपना आदर्श मानने वाले दिलीप कुमार ने अपनी हर फिल्म में इस बात का ख्याल रखा कि उनकी भाषा, उनके हाव-भाव, यहां तक की आवाज भी किरदार पर हावी ना हो, बल्कि उसे खूबसूरत बनाने का काम करे.

बंटवारे से पहले आए बॉम्बे 

दिलीप कुमार का जन्म पेशावर में हुआ था और बंटवारे से पहले ही उनका परिवार मुंबई, (जो उस वक्त बॉम्बे हुआ करता था) वहां आकर बस गया था, लेकिन बंटवारे का दर्द सीधे तौर पर ना झेलने के बावजूद दिलीप कुमार के मन पर उस दौर की घटनाओं ने गहरा असर छोड़ा. मनोज कुमार के भारत कुमार बनने से पहले दिलीप कुमार ही थे जिन्होंने 1948 में आई ‘शहीद’ में एक राष्ट्रवादी युवा की भूमिका निभाई जो 1942 के Quit India Movement में शामिल होता है. 

54 साल तक स्क्रीन पर राज 

दिलीप कुमार का करियर 1944 से शुरु हुआ और 1998 तक चला. 54 साल तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने वाले दिलीप कुमार ने अपने करियर में हर तरह के किरदार निभाए. लेकिन ‘देवदास’ और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्में करने की वजह से उन्हें ट्रैजेडी किंग का खिताब मिल गया
इन दो iconic फिल्मों के अलावा भी दिलीप साहब ने कई ऐसी फिल्मों में काम किया जिसमें उनका रोल ट्रैजिक था. रील लाइफ में सीरियस रोल करते करते दिलीप कुमार की रियल लाइफ पर भी असर पड़ने लगा. एक वक्त पर उन्हें Pyschiatrist की मदद भी लेनी पड़ी जिन्होंने उन्हें सलाह दी कि वो कुछ अलग तरह की और हल्की फुल्की फिल्में भी करें और दिलीप साहब ने ऐसा किया भी, लेकिन दर्शकों के दिल के सबसे ज्यादा करीब वही किरदार रहे जिनमें दिलीप कुमार ने अपनी जान निकालकर रख दी.

5 साल के लिए लिया था ब्रेक 

5 दशक के करियर में एक वक्त ऐसा भी आया जब दिलीप कुमार ने फिल्मों से ब्रेक लिया.1976 में दिलीप कुमार लगभग 5 साल के लिए सिल्वर स्क्रीन से दूर हो गए. ये वो दौर था जब हिंदी सिनेमा में राजेश खन्ना का दबदबा था. उन्हें बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार माना जाने लगा था. 1973 में दिलीप कुमार की ही छोड़ी हुई फिल्म ‘जंजीर’ ने अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार बना दिया. इस दौरान दिलीप साहब ने अपने करियर को नई दिशा देने की ठानी और फिर 1981 ‘क्रांति’ से उन्होंने कैरेक्टर रोल्स करने शुरु किए और ‘शक्ति’, ‘मशाल’, ‘कर्मा’ और ‘सौदागर’ जैसी शानदार फिल्मों में काम किया. दिलीप कुमार ने ये साबित कर दिया था कि उनकी एक्टिंग में इतना दम है कि चाहे उनके पहले कितने भी बेहतरीन कलाकार रहे हों या उनके बाद कितने भी बड़े स्टार आ जाएं… उनकी जगह लेना असंभव है…और जैसा कि अमिताभ बच्चन ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि हिंदी सिनेमा का जब भी इतिहास लिखा जाएगा वो हमेशा Before Dilip Kumar और After Dilip Kumar रहेगा.

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एक उम्दा अभिनेता दिलीप कुमार का निधन।

Dilip Kumar (11 Dec 1922 – 07 july 2021)

दिलीप कुमार के निधन की खबर से फ़िल्मी जगत में एक खालीपन सा हो गया है।

पश्चिम बंगाल: student क्रेडिट कार्ड योजना।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आज स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है।
1. क्रेडिट कार्ड योजना के अनुसार, इसमें केवल 4% की ब्याज दर के साथ ₹10 लाख की क्रेडिट सीमा होगी।
2. एक छात्र को नौकरी मिलने के बाद ऋण चुकाने के लिए पंद्रह वर्ष का समय दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने आज स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया। क्रेडिट कार्ड की मदद से छात्र उच्च शिक्षा के लिए ₹10 लाख तक का सॉफ्ट लोन प्राप्त कर सकता है।

छात्र क्रेडिट कार्ड के बारे में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आज छात्र क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है। बंगाल के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, यह योजना वार्षिक साधारण ब्याज के साथ ₹10 लाख तक का ऋण प्रदान करेगी।
इस योजना को पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसका तृणमूल कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था।

कोलकाता: बनर्जी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में कहा था, "आज कैबिनेट ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को मंजूरी दे दी है। पश्चिम बंगाल में 10 साल बिताने वाला कोई भी व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट के लिए ऋण उपलब्ध होगा। -भारत या विदेश में डॉक्टरेट की पढ़ाई।"
योजना के बारे में वह सब जो आपको जानना आवश्यक है...

1. क्रेडिट कार्ड योजना के अनुसार, इसमें केवल 4 प्रतिशत की ब्याज दर और आसान पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ ₹10 लाख की क्रेडिट सीमा होगी ताकि छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर न रहना पड़े।
2. पश्चिम बंगाल में 10 साल बिताने वाला कोई भी व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है।
3. भारत या विदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरल अध्ययन के लिए ऋण उपलब्ध होगा कोई भी व्यक्ति 40 वर्ष की आयु तक योजना के लिए पात्र है।
4. मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक छात्र को नौकरी मिलने के बाद कर्ज चुकाने के लिए पंद्रह साल का समय दिया जाएगा।
5. इस ऋण के लिए किसी गारंटर की आवश्यकता नहीं है। राज्य गारंटी देगा।
 बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज अपने एक प्रमुख चुनावी वादे को पूरा करते हुए छात्रों के लिए ₹10 लाख की सीमा के साथ एक क्रेडिट कार्ड लॉन्च करते हुए सुश्री बनर्जी ने एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे "अद्वितीय योजना" कहा।
सुश्री बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि भारत या विदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरल अध्ययन के लिए ऋण उपलब्ध होगा। यह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी उपलब्ध हो सकता है। साथ ही, पाठ्यक्रम शुल्क, ट्यूशन, छात्रावास शुल्क, किताबें, अध्ययन सामग्री, कंप्यूटर या लैपटॉप के लिए ऋण लिया जा सकता है।

 इस योजना में ऋण किसी भी बैंक - सरकार द्वारा संचालित या निजी - या यहां तक ​​कि सहकारी संगठनों से लिया जा सकता है। कार्ड पर ₹10 लाख का कर्ज लेने वाले किसी भी छात्र को इसे चुकाने के लिए 15 साल का समय होगा।

बंगाल सरकार छात्र क्रेडिट कार्ड की पेशकश करने वाली पहली सरकार है। वहीं, बिहार इसके आयोजन की प्रक्रिया में है.

वर्तमान में, छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड केवल कुछ निजी बैंकों द्वारा पेश किए जाते हैं, जिनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं।
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31 जुलाई तक नहीं हो सकेगी अंतरराष्ट्रीय उड़ाने ।

नई दिल्ली। भारत से अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कोरोना संक्रमण की वजह से लगाई गई पाबंदी एक महीने और बढ़ा दी गई है। यह रोक अब 31 जुलाई तक जारी रहेगी। नागरिक विमानन महानिदेशालय, डीजीसीए ने बुधवार को इसकी सुचना जारी की। हालांकि, कुछ देशों में कई तरह की शर्तों के साथ यात्रा अभी भी की जा सकती है।

विदित है कि कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बीते साल 23 मार्च को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया था। वही, 25 मई से घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हो गई थीं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध जारी है। हालांकि, सरकार वंदे भारत मिशन के तहत विशेष अभियान चला कर विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने काम जारी है। साथ ही मेडिकल आवश्कताओं के तहत भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। जैसे सउदी अरब, मॉरीशस, यूक्रेन, दुबई और अन्य देशों में उनकी शर्तों के तहत यात्रा की जा सकती है।

इस महीने की शुरुआत में डीजीसीए ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 30 जून 2021 तक प्रतिबंध जारी रखने की घोषणा की थी। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद 25 मार्च 2020 से सभी उड़ानें रोक दी गई थीं। हालांकि, 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया। अब भी घरेलू उड़ानों में भी क्षमता कम कर दी गई है और उड़ानें भी काफी कम हो गई हैं।

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तेज रफ़्तार से vaccination : एक दिन में 84 लाख वैक्सीन लगी ।

भारत सरकार की CoWin वेबसाइट के डाटा के अनुसार सोमवार शाम तक 84 वैक्सीन डोज दिए गए हैं |

CoWin वेबसाइट पर दिए डाटा के अनुसार 21 जून 2021, सोमवार शाम 10 बजे तक कुल 8,407,420 वैक्सीन डोज दिए गए हैं | केंद्र सरकार के नए चरण के सोमवार से शुरू हुए वैक्सीन कार्यक्रम में पहले ही दिन रिकॉर्ड टीकाकरण दर्ज किया गया है, ऐसे ही आगे भी टीकाकरण में रफ्तार की उम्मीद की जा रही है|
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आज शाम ट्वीट करके रिकॉर्ड टीकाकरण की जानकारी देते हुए कहा की वैक्सीन ही हमारा कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है साथ ही, वैक्सीन डोज प्राप्त करने वालों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की प्रसंशा की |

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SC के पूर्व जज का बेतुका बयान, कहा – योग दिवस नौटंकी है..!

Img Source: createcustomwishes

SC के पूर्व जज ने कहा – योग दिवस नौटंकी है, यह ऐसा है जैसे, जिनके पास रोटी नहीं, उनसे केक खाने को कहना |
“भारत में लोग योग नहीं बल्कि भोजन, नौकरी, उचित स्वास्थ्य देखभाल, अच्छी शिक्षा और अन्य आवश्यकताये चाहते हैं | किसी भूखे या बेरोजगार पुरुष/महिला को योग करने के लिए कहना एक क्रूर चल और भटकाव है |”

योग एक नौटंकी है..! अगर योग भूखे को रोटी और बेरोजगार को रोजगार न दे सके तो क्या योग नौटंकी है?
हाँ, ये स्वाभाविक है की लोग भोजन, उचित स्वास्थ्य देखभाल, अच्छी शिक्षा, रोजगार चाहते हैं | लेकिन आज के सामाजिक जीवन में इतनी उलझने, तनाव है, जहाँ योग शारीरिक एवं मानसिक तंदरुस्ती देता है, वो भूखे या बेरोजगार के लिए क्रूर चाल और भटकाव कैसे हो सकता है | योग तो आप दिन में सुबह या शाम एक बार आधा या एक घंटे करते है, असल में भटकाव तो सोशल मीडिया और हमारे नेतागण है जहाँ सोशल मीडिया के फायदे बतलाके आपको उसके नुकसान के बारे में सोचने ही नहीं दिया जाता, और नेतागण भूखे और बेरोजगारों को झूठे वादे करके उनको इधर से उधर चक्कर लगवाते रहते हैं |

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